
पूर्णिया समाचार: पूर्णिया में पिछले 27 जनवरी (2026) को सूरज बिहारी की दिनहाडे गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अब बेटे के गम में डूबे सूरज के पिता जवाहर लाल यादव की हो गई मौत। आज (शुक्रवार) जब वे गुलाबबाग अपने आवास पर थे तो सुबह उन पर हार्ट अटैक आया और उनकी जान चली गई। हालाँकि अनअलार्ज-अनलॉक में लोग एक निजी अस्पताल ले गए जहां समर्थकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
जवाहर यादव की मौत से घर में मची भगदड़। बताया जाता है कि अभी सूर्य बिहारी की तीर्थयात्रा भी नहीं हुई थी कि घर में एक और मृत माता का दर्शन हुआ था। अभी कुछ दिन पहले ही जवाहर यादव ने अपने पुत्र की अस्थियों का विसर्जित कर दिया था। जवान बेटे की मौत का सदमा, नहीं मिला ध्यान और हो गई ऐसी घटना।
बता दें कि जवाहर यादव पूर्णिया के बड़े पैमाने पर व्यापारी थे। गुलाब के बागानों में सबसे ज्यादा कारोबार होता है और यहां अरबों का अपना कारोबार होता है। पिता जवाहरलाल यादव के व्यवसाय में सूरज बिहारी भी सहयोगी रहे थे। परिवार में दो लोगों की मौत के बाद सब कुछ बिखर गया।
क्या है पूरा मामला
27 जनवरी को मरंगा थाना क्षेत्र के नेवालाल चौक पर जवाहरलाल यादव के बेटे सूरज बिहारी की दिन दहाड़े हत्या कर दी गई थी। विवाद को लेकर विमान के लिए सूरज बिहारी जिले थे। उन पर बकाया प्लास्टिक बॉल्स दी गई थी। इसका सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था। इस मामले में कुल सात लोगों की जांच की गई है। सभी आरोपियों के घर पर कोर्ट के आदेश के बाद कुर्की के इश्तहार चिपकाए गए हैं।
क्यों हुआ था विवाद
पटना के एक ब्लॉगर सन शर्मा का विवाद एक लड़की की फोटो को लेकर शुरू हुआ था। विरोध में गर्ल के बॉयफ्रेंड स्नेहिल झा ने सूरज शर्मा के साथ ज़ीराजा की थी। 27 जनवरी को ब्लॉगर के इसी विवाद को लेकर सूरज बिहारी प्रदेश में थे। इसी दौरान गोली सूरज बिहारी की हत्या कर दी गई थी।

Author: pankaj jha








