
पटना: बिहार सरकार के एक फैसले से पुरा स्वास्थ्य महकमा में खलबली मच गयी है।इस फैसले तहत सरकारी चिकित्सक प्राइवेट प्रैक्टिस नहीं कर पाएंगे। बिहार सरकार के ताजा आदेश के मुताबिक सरकारी चिकित्सकों के साथ इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान के विशेषज्ञ चिकित्सकों के निजी प्रैक्टिस पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इससे संबंधित एक संकल्प पत्र भी जारी किया गया है। सभी जिलाधिकारी और सीएस को निर्देश दे दिया गया है।
सात निश्चय-3 का कार्यक्रम
जानकारी के मुताबिक ये निर्णय सात निश्चय तीन के कार्यक्रम के तहत लिया गया है। इस फैसले के दायरे में न केवल साधारण चिकित्सा सेवा के डॉक्टर आएंगे। उसके अलावा इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान, पटना जैसे प्रतिष्ठित अस्पतालों के डॉक्टर, प्रोफेसर और चिकित्सक भी शामिल होंगे। सरकार ने ये माना है कि इससे डॉक्टरों की उपस्थिति सुनिश्चित होगी और मरीजों को इसका फायदा होगा। गरीब मरीजों को समय पर इलाज की सुविधा मिलेगी। हालांकि, सरकार ने इस व्यवस्था के साथ- साथ निजी प्रैक्टिस नहीं करने वाले डॉक्टरों को नॉन- प्रैक्टिस अलाउंस भी देगी। उनके हितों का ध्यान रखते हुए विभाग ने राज्य सरकार की ओर से मिलने वाले गैर व्यावसायिक भत्ता और विशेष प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाएगी। इससे संबंधित सर्कुलर विभाग की ओर से बहुत जल्द जारी कर दिया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग का आदेश
विभाग के मुताबिक इस आदेश के बाद डॉक्टरों में हड़कंप की स्थिति है। आदेश की कॉपी सभी जिलों को भेज दी गई है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्यों को भी दे दी गई है। यदि कोई डॉक्टर ऐसा करते हुए पाया जाएगा। उस पर विभागीय कार्रवाई के साथ उसे सेवा से बर्खास्त भी किया जाएगा। ध्यान रहे कि मरीजों की शिकायत होती है कि डॉक्टर अपनी निजी प्रैक्टिस में बिजी रहते हैं। मरीजों का ध्यान नहीं रहता है। उस शिकायत के बाद सरकार ने ये कदम उठाया है। बिहार सरकार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक राज्य सरकार के सात निश्चय 3 के अंतर्गत घोषित कार्यक्रम की कंडिका 5 (च) के तहत एलोपैथिक चिकित्सा पद्धति अन्तर्गत कार्यरत् बिहार स्वास्थ्य सेवा संवर्ग, बिहार चिकित्सा शिक्षा सेवा संवर्ग तथा इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान चिकित्सा सेवा संवर्ग के चिकित्सकों/चिकित्सक शिक्षकों के निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाने हेतु स्वास्थ्य विभाग के प्रस्ताव पर राज्य सरकार द्वारा सहमति प्रदान की गई है।
डॉक्टरों के लिए आदेश जारी
पत्र में आगे कहा गया है कि उक्त के क्रियान्वयन एवं इस हेतु चिकित्सकों को गैर व्यावसायिक भत्ता (NPA) / प्रोत्साहन राशि दिए जाने के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश सक्षम प्राधिकार के अनुमोदन के उपरांत अलग से निर्गत किया जायेगा। इस पत्र को बिहार राज्यपाल के आदेश से ज्ञापांक और प्रतिलिपि लिखते हुए जारी किया गया है। जारीकर्ता लोकेश कुमार सिंह, सरकार के सचिव हैं। इसके अलावा पत्र को मुख्य सचिव के विशेष कार्य प्रधान आप्त सचिव, बिहार / सभी अपर सचिव, बिहार सरकार के सूचनार्थ जारी किया गया है। उसके अलावा इस पत्र को मुख्यमंत्री सचिवालय विभाग, बिहार, पदाधिकारी, बिहार/ विकास आयुक्त के मुख्य सचिव / सभी प्रधान सचिव / सभी आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रेषित किया गया है।

Author: pankaj jha







