
Bihar Tourism: हर हर महादेव के जयघोष के साथ साथ प्रवासी पक्षियों के कलरव धरती पर स्वर्ग सा वातावरण का निर्माण करता है। आध्यात्मिकता और प्रकृति का अद्भुत संगम हर किसी को अपनी ओर सम्मोहित करने के लिए काफी है। हम बात कर हैं बिहार के मिथिला क्षेत्र में दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान की। जहां रामायण कालीन बाबा कुशेश्वर नाथ का प्राचीन मंदिर है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। इसके अलावा यहां यहां प्रकृति प्रेमियों के स्वर्ग से कमतर नहीं है।
रामपुत्र कुश ने की थी मंदिर की स्थापना
कुशेश्वरस्थान में बाबा कुशेश्वरनाथ का मंदिर सबसे प्रमुख आकर्षण है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और यहाँ पूरे साल भक्तों की भीड़ लगी रहती है। शिवरात्रि और सावन के महीने में, यहाँ विशेष रूप से भक्तों का सैलाब उमड़ता है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस मंदिर की स्थापना भगवान राम के पुत्र कुश ने की थी। इसलिए, इस जगह का नाम कुशेश्वरस्थान पड़ा। यह मंदिर मिथिला क्षेत्र में बहुत लोकप्रिय है और इसे ‘बाबा धाम’ के नाम से भी जाना जाता है।
अध्यात्म और प्रकृति का अद्भुत संगम
कुशेश्वरस्थान सिर्फ़ एक धार्मिक स्थल नहीं है, बल्कि यह प्रकृति प्रेमियों के लिए भी एक स्वर्ग है। सर्दियों के मौसम में, यहाँ हजारों प्रवासी पक्षी आते हैं, जो इस जगह को एक खूबसूरत रंगीन चादर से ढक देते हैं। यहां हर वर्ष सर्दियों में हजारों सैलानी अध्यात्म और प्रकृति प्रेमी इस अद्भुत संगम पर आते हैं और बाबा कुशेश्वर पर जलाभिषेक के साथ साथ प्रवासी पक्षियों को देखने आते हैं।
कैसे पहुंचें और कहां ठहरें
कुशेश्वरस्थान देश के आसानी से आया जा सकता है। यदि आप ट्रेन से यात्रा कर रहे हैं, तो आप हसनपुर रोड रेलवे स्टेशन या सिंघिया रेलवे स्टेशन पर उतर सकते हैं। यहां से, आप सड़क मार्ग से कुशेश्वर तक पहुंच सकते हैं। कुशेश्वर में ठहरने के लिए कई विकल्प उपलब्ध हैं। आप स्थानीय गेस्ट हाउस में किराये पर या होटल में होटल बुक कर सकते हैं। दरभंगा में आपको विभिन्न प्रकार के होटल और गेस्ट हाउस मिलेंगे जो आपके बजट के अनुसार उपयुक्त होंगे।

Author: pankaj jha








