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पप्पू यादव ने ‘प्रणाम पूर्णिया ‘में दिखाई पूरजोर ताकत,कहा-‘मर जायेंगे मिट जायेंगे लेकिन पूर्णिया से नहीं हटेंगे ‘

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पूर्णिया: बिहार के पूर्णिया के ऐतिहासिक रंगभूमि मैदान में ‘जाप’ सुप्रिमो राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने शनिवार को ‘प्रणाम पूर्णिया’ महारैली आयोजित की. इस रैली में पप्पू यादव अपनी पूरजोर ताकत दिखाई. इस दौरान पप्पू यादव ने खुले शब्दों में कह दिया है कि वह मर मिट जाएंगे, लेकिन पूर्णिया से नहीं हटेंगे. पूर्णिया की सीट से महागठबंधन अगर अपना उम्मीदवार बनाता है तो वह हरगिज समझौता नहीं करेंगे और पूर्णिया से ही उम्मीदवारी पेश करेंगे. वहीं, आगे पप्पू यादव ने केंद्र और राज्य सरकार को भी जमकर कोसा.
पप्पू यादव ने अपने एजेंडे को लोगों के सामने रखा. इस दौरान उन्होंने भ्रष्टाचार, अफसरशाही, पलायन, भूमि विवाद के मामले पर बोलते हुए कहा कि उनके सांसद बनते ही 5 महीने के भीतर इनका समाधान निकालेंगे या फिर छठे महीने रिजाइन दे देंगे. वहीं, आगे पीएम और सीएम से उन्होंने कई सवाल पूछे. देश के 84 करोड़ लोगों को 5 किलो अनाज के भरोसे क्यों रखा गया है? यह व्यवस्था कब सुधरेगी? सीमांचल और कोसी की गरीबी कब मिटेगी? बाढ़ का अभिशाप कब खत्म होगा? सीमांचल के लोग कब तक गरीबी में जिएंगे?
आगे उन्होंने कहा कि उनकी दिली इच्छा है कि वे महागठबंधन से चुनाव लड़ें, लेकिन इसके लिए वे पूर्णिया की सीट से समझौता हरगिज नहीं करेंगे. मरना पसंद होगा, लेकिन पूर्णिया को छोड़ना पसंद नहीं होगा.
उन्होंने कहा कि पप्पू यादव सांसद बनते ही पूर्णिया रात के अंधेरे में उजाला हो जाएंगे. जहां पूर्णिया का रास्ता खत्म होता है, वहीं से पप्पू यादव का रास्ता शुरू हो जाता है. मैं आपको विश्वास दिलाना चाहता हू्ं कि कानून के साथ चलेंगे. राशन कार्ड बनाने के लिए मेरी गाड़ी जाएगी. आपको घर से बाहर नहीं आना पड़ेगा. डॉक्टर साहब से हमारी कोई लड़ाई नहीं है, हम पीएमसीएच और सिस्टम से लड़ाई लड़ते हैं. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में बेटी हमेशा पैर छुवाने के लिए होता है न की पैर छूने के लिए. मैं आज से पूर्णिया में भी यह प्रथा बेटी का पैर छूकर शुरू करता हूं.

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Author: sanvaadsarthi

संपादक

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