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बिहार: योगी आदित्यनाथ की मां पर विवादित टिप्पणी करने वाले मौलाना अब्दुल्ला सलीम चतुर्वेदी पूर्णिया से गिरफ्तार,यूपी के अलग-अलग थानों में 84 मुकदमा था दर्ज

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पूर्णिया: उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए बिहार के पूर्णिया से मौलाना सलीम चतुर्वेदी को यूपी एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है। उनके विवादित बयान के बाद कई मुकदमे दर्ज हुए थे, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
पूर्णिया के अमौर से गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए विवादित इस्लामी वक्ता मौलाना अब्दुल्ला सलीम चतुर्वेदी को बिहार के पूर्णिया जिले से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी अमौर थाना क्षेत्र के दमालपुर गांव से की गई, जहाँ सादे लिबास में पहुंची एसटीएफ की टीम ने महज 5 मिनट के भीतर मौलाना को अपनी हिरासत में ले लिया। इस अचानक हुई कार्रवाई से स्थानीय ग्रामीण भी अचंभित रह गए। फिलहाल, पुलिस टीम मौलाना को लेकर गोरखपुर पहुंच चुकी है, जहाँ उनसे गहन पूछताछ की जा रही है।
मुख्यमंत्री योगी की मां पर अभद्र टिप्पणी का है मामला
मौलाना सलीम चतुर्वेदी पर आरोप है कि उन्होंने एक धार्मिक जलसे के दौरान उत्तर प्रदेश में गोकशी के खिलाफ सख्त कानूनों की आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की वृद्ध माता के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक और अभद्र टिप्पणी की थी। इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में भारी आक्रोश फैल गया था। मौलाना के खिलाफ यूपी के अलग-अलग थानों में लगभग 84 मुकदमे दर्ज किए गए थे, जिसके बाद से ही यूपी पुलिस उनकी तलाश में जुटी थी।
गिरफ्तारी से पहले सफाई-” वो मेरी भी मां के समान”
विवाद बढ़ता देख और पुलिस की दबिश के बीच मौलाना चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से सफाई भी पेश की थी। उन्होंने दावा किया कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है और यह वीडियो करीब 2 साल पुराना है। मौलाना ने माफी मांगते हुए कहा था कि मुख्यमंत्री की माता उनके लिए भी मां के समान हैं। हालांकि, कानूनी शिकंजा कसने के बाद यूपी एसटीएफ ने उन्हें उनके ठिकाने से उठा लिया।
अररिया का है निवासी
मूल रूप से अररिया जिले के जोकीहाट के रहने वाले मौलाना सलीम चतुर्वेदी अपने नाम के साथ ‘चतुर्वेदी’ लगाने को लेकर पहले भी चर्चा और विवादों में रहे हैं। वे बिहार की राजनीति में भी सक्रिय रहे हैं। पूर्व में ओवैसी की पार्टी AIMIM से जुड़े रहने के बाद, टिकट न मिलने पर उन्होंने बगावत कर दी थी और बाद में प्रशांत किशोर की जन सुराज (संभावित संदर्भ) से जुड़कर चुनावी मैदान में भी अपनी किस्मत आजमाई थी। यूपी एसटीएफ की इस कार्रवाई ने एक बार फिर उनके विवादित बयानों को सुर्खियों में ला दिया है।

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Author: pankaj jha

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