
Lpg gass: इजराइल, ईरान और अमेरिका जैसे देशों के बीच जारी युद्ध के कारण पूरे देशभर में एलपीजी गैस सिलेंडर पर असर देखा जा रहा है। खासकर कमर्शियल यूज के लिए सिलेंडर ज्यादातर इलाकों में उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। इससे रेस्तरां, होटल और परिवहन सेवाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, कुछ इलाकों में ऑटो चालकों को भी अपने वाहनों के लिए ईंधन न मिलने से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
यह कानून हुआ लागू
पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध का असर भारत की रसोई तक पहुंचने लगा है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के बंद होने से एलपीजी और तेल के टैंकरों की आवाजाही प्रभावित हो रही है, जिससे सप्लाई पर दबाव बढ़ गया है। हालात को देखते हुए सरकार को एक अहम कदम उठाना पड़ा और 5 मार्च 2026 को एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट, 1955 (ECA) लागू करना पड़ा। यह कानून आमतौर पर बहुत कम इस्तेमाल होता है, लेकिन जरूरी वस्तुओं की सप्लाई बनाए रखने और जमाखोरी या कालाबाजारी को रोकने के लिए सरकार ने इसे लागू करने की जानकारी दी।
गैस सिलेंडरों को आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत लाया गया है, जो आवश्यक वस्तुओं के उत्पादन, वितरण, मूल्य निर्धारण और व्यापार को नियंत्रित करता है। इसके माध्यम से, केंद्र सरकार ने मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध के बीच गैस की कमी को पूरा करने के लिए सभी तेल रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया है। हालांकि, कुछ स्थानों पर यह समस्या अभी भी बनी हुई है।
कुछ जगहों पर लोगों को गैस सिलेंडर बुक करने में अभी भी दिक्कतें आ रही हैं। लोग शिकायत कर रहे हैं कि गैस बुकिंग नंबर काम नहीं कर रहा है। उन्हें चिंता है कि सर्वर की समस्या के कारण कॉल कनेक्ट नहीं हो पा रही है और वे गैस बुक नहीं कर पा रहे हैं। हालांकि, गैस सिलेंडर अन्य तरीकों से भी बुक किए जा सकते हैं।
बिना काॅल किए ऐसे करें बूकिंग
आप बिना कॉल किए भी आसानी से गैस सिलेंडर बुक कर सकते हैं, खासकर CRED, GooglePay और PhonePe UPI जैसे प्लेटफॉर्म के ज़रिए। अगर आपके गैस सिलेंडर के लिए रजिस्टर किया गया मोबाइल नंबर CRED ऐप पर दिए गए नंबर से मेल खाता है, तो आप आसानी से सिलेंडर बुक कर सकते हैं। सिलेंडर बुकिंग के लिए भुगतान करने के बाद, बुकिंग कन्फर्म हो जाएगी और आपको बुकिंग के कन्फर्मेशन करने वाला एक मैसेज मिलेगा।
CRED ऐप की तरह, आप PhonePe और GooglePay जैसे UPI प्लेटफॉर्म के ज़रिए भी LPG गैस सिलेंडर बुक कर सकते हैं. इसमें कोई झंझट नहीं है, कॉल करने की भी ज़रूरत नहीं है, आप कुछ ही सेकंड में आसानी से गैस सिलेंडर बुक कर सकते हैं।
गैस की कमी को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक वैकल्पिक मार्ग चुना है। भारत होर्मुज जलमार्ग पर निर्भर न रहने वाले मार्ग से तेल (कच्चा तेल) आयात कर रहा है। भारत ने पहली बार गुयाना से कच्चा तेल खरीदना शुरू किया है। इंडियन ऑयल और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (एचपीसीएल) ने वहां से लगभग 40 लाख बैरल तेल आयात किया है। भारत पश्चिम अफ्रीकी देशों जैसे नाइजीरिया और अंगोला से भी कच्चा तेल आयात कर रहा है।
भारत में हर साल करीब 3.13 करोड़ टन एलपीजी की खपत होती है, लेकिन इसमें से केवल लगभग 1.28 करोड़ टन ही देश में उत्पादन होता है। यानी देश की करीब 58 प्रतिशत जरूरत आयात के जरिए पूरी की जाती है। खास बात यह है कि इस आयात का लगभग 85-90 प्रतिशत हिस्सा स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के रास्ते भारत तक पहुंचता है, इसलिए इस मार्ग में किसी भी तरह का तनाव एलपीजी सप्लाई को सीधे प्रभावित कर सकती है।

Author: pankaj jha








