
Samridhi yatra: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा जाने वाले हैं। उनके इस फैसले के बाद से ही कार्यकर्ताओं और पार्टी से जुड़े नेताओं के बीच नाराजगी है। हालांकि नीतीश कुमार ने साफ कर दिया है कि वे बिहार में रहेंगे और यहां के कामकाज को देखते रहेंगे। इस बीच पूर्णिया में जब मंच से गुरुवार (12 मार्च, 2026) को मंत्री लेशी सिंह ‘समृद्धि यात्रा’ को संबोधित कर रही थीं तो वे भावुक होकर रोने लगीं। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को कृष्ण बताया।
लेशी सिंह ने कहा कि जिस तरह से मेरे परिवार पर, मेरे ऊपर आपत्ति-विपत्ति आई, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कृष्ण के रूप में ढाल बनकर आए हैं। मैं ज्यादा कुछ न कहते हुए, उनका आभार व्यक्ति करती हूं.” इतना कहते हुए मंच से वो रोते हुए बैठने के लिए चली गईं।
बिहार में कानून का राज: सीएम

पूर्णिया में नीतीश कुमार ने कहा कि सबसे पहले जब एनडीए की सरकार बनी 24 नवंबर 2005 को, तब से बिहार में कानून का राज है। जब से हम लोगों को मौका मिला है हम लोग काम करने में लगे हैं।इसके पहले क्या स्थिति थी? लोग शाम के बाद घर से बाहर नहीं निकलते थे। शाम में भी कह दिया गया था कि घर के अंदर रहो।
नीतीश कुमार ने कहा कि पहले समाज में कितना विवाद होता था। कितना हिंदू-मुस्लिम का झगड़ा होता था। पढ़ाई की स्थिति क्या थी? इलाज का इंतजाम नहीं था। सड़कें खराब थीं। बिजली का बुरा हाल था। इसी तरह नीतीश कुमार ने एक तरफ जहां आरजेडी पर हमला किया तो वहीं एनडीए सरकार में किए गए कामों को गिनाया।

Author: pankaj jha








